NCERT Solutions for Class 3 Hindi Tipatipava
रिमझिम पाठ- 7. Class 3 Hindi Tipatipava
प्रश्न- इस कहानी में लगता है सभी परेशान थे| बताओ कौन-किस्से परेशान था?
उत्तर- बुढ़िया – झोंपड़ी में टपकते हुए वर्षा के पानी से|
शेर – ज़ोरदार वर्षा और टिपटिपवा से|
धोबी – गधे के गायब होने व न मिलने से|
पंडित जी – घर में भरे वर्षा के पानी को उलीचते-उलीचते थकने से|
शेर – ज़ोरदार वर्षा और टिपटिपवा से|
धोबी – गधे के गायब होने व न मिलने से|
पंडित जी – घर में भरे वर्षा के पानी को उलीचते-उलीचते थकने से|
मतलब बताओ
प्रश्न- नीचे कहानी में से कुछ वाक्य दिए गए हैं| इन्हें अपने शब्दों में लिखो|
*टिपटिपवा कौन-सी बला है?
उत्तर- कौन-सी बला है टिपटिपवा|
*पत्नी की बात धोबी को जँच गई|
उत्तर- धोबी को पत्नी की बात समझ आ गई|
उत्तर- धोबी को पत्नी की बात समझ आ गई|
*शेर बिना चूँ-चपड़ किए भीगी बिल्ली बना धोबी के पीछे-पीछे चल दिया|
उत्तर- धोबी के पीछे-पीछे शेर बिना चूँ-चपड़ किए भीगी बिल्ली बना चल दिया|
उत्तर- धोबी के पीछे-पीछे शेर बिना चूँ-चपड़ किए भीगी बिल्ली बना चल दिया|
*जरा पोथी बाँच कर बताइए वह कहाँ हैं?
उत्तर- वह कहाँ है जरा पोथी बाँच कर बताइए|
उत्तर- वह कहाँ है जरा पोथी बाँच कर बताइए|
याद करो तो
प्रश्न- पोता दादी की गोद में कहानी सुनने के लिए मचल रहा था| तुम किन-किन चीजों के लिए मचलते हो?
उत्तर- मैं भी दादी से कहाई सुनने के लिए मचलता हूँ| मैं उनसे नए-नए खिलौने लाकर देने के लिए, उनके साथ घर से बाहर जाने के लिए उनकी गोद में चढ़ने के लिए व उनके साथ खेलने के लिए मचलता हूँ|
कौन है टिपटिपवा!
प्रश्न- हाँ बचवा, न शेरवा के डर, न बघवा के डर| डर तो बस टिपटिपवा का है|
*तुम्हारे घर की बोली में इस बात को कैसे कहेंगे?
उत्तर- हाँ बेटा, मुझे न शेर का डर है और न ही बाघ का डर है| मुझे तो बू इस पानी के टपकने का डर है|
*कहानी में टिपटिपवा कौन था? तुम किस-किस को टिपटिपवा कहोगे?
उत्तर- इस कहानी में टिपटिपवा झोपड़ी से टपकता हुआ वर्षा का पानी है| हम धोबी और उसके मोटे लट्ठे को टिपटिपवा कहेंगे|
उत्तर- इस कहानी में टिपटिपवा झोपड़ी से टपकता हुआ वर्षा का पानी है| हम धोबी और उसके मोटे लट्ठे को टिपटिपवा कहेंगे|
बारिश
प्रश्न- यह कहानी एक ऐसे दिन की है जब मुसलाधार बारिश हो रही थी| अगर मुसलाधार बारिश की बजाए बूँदा-बाँदी होती, तो क्या होता? यदि उस रात बूँदा-बाँदी होती तो
उत्तर- बढ़िया की झोपड़ी में पानी नहीं टपकता व रात को दादी अपने पोते को कहानी सुनाती| शेर वर्षा से घबराकर जंगल से भाग झोपड़ी के पीछे नहीं छिपता और न ही धोबी का गधा खोता और न ही पंडित जी अपने घर से पानी उलीच-उलीच कर थकते, न ही धोबी अपने गधे को ढूँढते हुए शेर के पास पहुँचता और न शेर को अपना गधा समझता| इस तरह कहानी ही नहीं बनती|
तरह-तरह की आवाज़ें
प्रश्न- पानी के टपकने की टिपटिप-टिपटिप आवाज़ आ रही थी|
उत्तर- सोचो और लिखो ये आवाज़े कब सुनाई पड़ती हैं|
| खर्र-खर्र
तेज़ साँस लेने पर
| भिन-भिन
मक्खी के कान के पास मँडराने पर
| ठक-ठक
दरवाज़े खटखटाने पर
|
| चर्र-चर्र
दरवाज़ा खोलने पर
| भक-भक
आग लगने पर
| तड़-तड़
वर्षा की बूँदों के टीन पर गिरने पर
|
खूँटा
प्रश्न- धोबी ने शेर को खूँटे से बाँध दिया| सोचो और बताओ, खूँटे से क्या-क्या बाँधा जाता है?
उत्तर- खूँटे से गाय, भैंस, बकरी, ऊँट, बैल, गधा, भैंसा, बछड़ा, हिरन, खच्चर को बाँधा जाता है|
एक से ज़्यादा
प्रश्न- एक कहानी – सभी कहानियाँ
उत्तर- एक तितली – कई तितलियाँ
एक पत्ती – दस पत्तियाँ
एक चूड़ी – ढेरों चूड़ियाँ
एक खिड़की – चार खिड़कियाँ
एक पत्ती – दस पत्तियाँ
एक चूड़ी – ढेरों चूड़ियाँ
एक खिड़की – चार खिड़कियाँ

